Dharam Singh Delhi

घुटनों के दर्द से बेहाल धर्म सिंह अब आसानी बिता रहे हैं अपनी खुशहाल जिंदगी

2 months ago | 5 mins

आज की बदलती लाइफस्टाइल कहीं ना कहीं हमारे जीवन की परेशानी को बढ़ा रही है इसी लाइफस्टाइल के चलते हमारा खान-पान भी बदल रहा है और कई लोगों को घुटनों में दर्द की समस्या होने लगती है घुटनों में दर्द अक्सर कैल्शियम की कमी, मांसपेशियों में सूजन, चोट लगने के कारण भी हो सकता है आज के समय में ये समस्या ना केवल बुजुर्गों में बल्कि युवाओं में भी देखने को मिलती है पर बुढ़ापे में ये परेशानी आपकी तकलीफ को और बढ़ा देती है। इसलिए जरूरी है सही समय पर समस्या पर ध्यान देना। आपको बता दें घुटनों में दर्द होने से चलने में भी तकलीफो का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आज हम बात करते हैं एक ऐसे शख्स की जिनका नाम है धर्म सिंह जी। आइये जानते हैं कि उन्होंने कैसे अपने घुटनों के दर्द में हकीम जी के यूनानी नुस्खे से राहत पाई?

आखिर कौन हैं धर्म सिंह जी ?

दिल्ली के रोहिणी में रहने वाले रिटायर्ड फौजी धर्म सिंह जी काफी सरल और दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं। लोगों की मदद करना उन्हें काफी अच्छा लगता है। उनकी उम्र 82 साल की हैं। लेकिन इस उम्र में भी वो काफी नौजवान हैं। आपको बता दें फौज में रहने के कारण उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित थी इसलिए वह अपना काम काफी अच्छे से करते थे। साथ ही जिस उम्र में लोग बेड पकड़ लेते है उस उम्र में धर्म सिंह जी ने अपने आप को काफी फिट कर रखा हुआ है।

वो अपनी सेहत का ख्याल काफी अच्छे से रखते हैं जिसके कारण उनका शरीर काफी फुर्तीला और स्वस्थ रहता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे है। वो अपने परिवार के साथ काफी खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे थे कि अचानक से उन्हें घुटनों में दर्द हो गया।

धर्म सिंह जी क्यों थे घुटनों के दर्द से परेशान? जानें पूरी कहानी?

दरअसल उन्हें अचानक घुटनों का दर्द हो गया औऱ साथ ही साथ ये लगातार बढ़ने लगा। घुटनों का दर्द बढ़ने की वजह से उन्हें उठने – बैठने में काफी परेशानी होने लगी। उन्होंने घुटनों की समस्या को लेकर कई डॉक्टरों को भी दिखाया लेकिन कोई आराम नहीं मिला जिससे धर्म जी को इस समस्या में राहत मिल सके। दवाईयों से कुछ समय के लिए या कुछ महीनों के लिए आराम तो मिल जाता लेकिन यह समस्या फिर शरू हो जाती थी।

उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि वह कभी स्वस्थ हो पाएंगे साथ ही अब उन्हें इस घुटनों के दर्द की वजह से अपने काम के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। पर वो कहते है न कि भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं। धर्म जी का भी अब बुरा समय जाने वाला था उनकी जिंदगी में खुशियों का अंबार लगने वाला था। क्योंकि उनकी जिंदगी में एक ऐसे शख्स आने वाले थे जो उन्हें घुटनों के दर्द से आराम दिला सकते हैं और वो थे यूनानी के मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब।

धर्म सिंह जी की कहानी से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  1.  इन्होंने सही होने की उम्मीद छोड़ दी थी
  2.  धर्म जी को काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था
  3.  कई जगह दिखाने के बाद भी आराम नहीं मिल पाया

हकीम जी के यूनानी नुस्खे अपनाकर धर्म सिंह जी ने अपने घुटनों के दर्द को किया कम।

फिर एक दिन धर्म सिंह जी रोजाना की तरह टी.वी देख रहे थे तभी टी.वी. देखते देखते उनकी नजर हकीम सुलेमान खान साहब के बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। अब ये ऊपर वाले का करिश्मा था या धर्म जी का अपना भाग्य कहें। धर्म जी ने उनका पूरा शो देखा। साथ ही उनके मन में एक आस फिर से जग गयी। वे मन ही मन सोचने लगे कि यदि ये सभी यूनानी नुस्खे काम कर जायें तो उन्हें अपने घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती है। आपको बता दें इस प्रकार धर्म जी के जीवन में हकीम साहब एक फरिश्ता बनकर आये और उन्हें विश्वास था कि हकीम साहब के नुस्खें जरूर उन्हें राहत दिला सकते हैं।

धर्म जी ने हकीम साहब का शो रोजाना देखना शुरू कर दिया। सेहत और जिंदगी प्रोग्राम में धर्म जी ने पहली बार हल्दी प्लस और गोंद सियाह के बारे में सुना और हकीम साहब द्वारा सुझाया गया हल्दी प्लस और गोंद सियाह ATIYA HERBS से बिना किसी देरी के मंगवा लिया। इस दवा के आने के बाद धर्म जी ने पूरे नियम के साथ इसका सेवन करना शुरु कर दिया। लेकिन धर्म जी मन ही मन यह सोचने लगे कि क्या उन्हें हकीम जी के नुस्खे अपनाकर घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती है।

बढ़ती उम्र में धर्म सिंह जी कैसे हुए स्वस्थ?

  1.  गोंद सियाह से मिला घुटनों के दर्द में आराम
  2.  हकीम जी के निर्देश अनुसार किया नुस्खों का सेवन
  3.  सेहत और जिंदगी प्रोग्राम से मिली काफी मदद

धर्म सिंह जी स्वस्थ होने के बाद लोगों को हकीम जी के नुस्खे अपनाने की देते हैं सलाह

धर्म सिंह जी को घुटनों के दर्द में काफी आराम मिल गया और ये केवल और केवल हकीम जी के बेहतरीन नुस्खों से ही संभव हो पाया है आज वह खुद की सेहत में सुधार के बाद अपने दोस्त, रिश्तेदारों को भी हकीम जी के घरेलू नुस्खे अपनाने की सलाह देते हैं। वह चाहते हैं कि हकीम जी की उम्र लंबी हो और वो इसी तरह लोगों की मदद करते रहें। आज जो वो स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी गुजार रहे हैं उसका श्रेय वह हकीम सुलेमान खान साहब को देते हैं।

गोंद सियाह क्या है ?

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई समस्याओं को हम से दूर रख सकता है।

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